कीटनाशक दवाई की पूरी जानकारी [प्रकार, उपयोग, Systemic] | Insecticide Pesticide Uses Hindi Systemic

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कीटनाशक वह चीज हैं जिसके सहायता से हम अपने खेतों में लगने वाले कीड़े, मकोड़े, जो अपने फसल को नुकसान पहुँचाता हैं उसको मारने के लिए जिस दवाई का उपयोग करते हैं उस दवाई को ही कीटनाशक (insecticide) कहते हैं।

Insecticides के उपयोग से हम अपने खेतों मे लगने वाले कीटों को आसानी से खतम कर सकते है। और यह फसल की रक्षा करने के लिए सबसे जरूरी भी है क्योकि आजकल फसलों मे बीमारी या कीटो का प्रकोप होता ही है जिसकी रोकथाम करना बहुत ही जरूरी हो जाता है।

अगर हम भी insecticides और pesticides का उपयोग करते है तो हमे कीटनाशक दवाई के बारे मे जानना काफी महत्वपूर्ण हो जाता है तो चलिये अब हम कीटनाशक के बारे मे पूरी डीटेल से जानने का प्रयास करते है।

कीटनाशक क्या है (Kitnashak Kya Hai)

कीटनाशक खेतो मे उपयोग होने वाले दवाई है जिसकी मदद से फसलों को किट पतंगो से बचाया जाता है जिससे फसल सुरक्षित रहता है। कीटनाशक एक रासायनिक composition होता हैं जो की कीट, पतंगों को अलग अलग तरह से हानि पहुँचा के नष्ट करता हैं।

कुछ पॉपुलर कीटनाशक के नाम

S. N.Insecticide name
1Bifenthrin
2Chlorpyriphos
3Cypermethrin
4Imidacloprid
5Lamdacyhalothrin
6Triazophos
7Fipronil
8Cartap
9Dichlorvos
10Buprofezin

कीटनाशक के प्रकार (Types Of insecticides)

कीटनाशक दो प्रकार के होते हैं

1) रासायनिक कीटनाशक (Chemical insecticide)

रासायनिक कीटनाशक कई प्रकार के केमिकल कंपोजिशन से मिलकर बना होता हैं जिसे केमिकल विशेषगियो द्वारा तैयार किया जाता हैं। इस प्रकार के कीटनाशक किसानों को ज्यादा ही पसंद आते हैं।

और रासायनिक कीटनाशक कोकिसान सबसे ज्यादा उपयोग करते है क्योकि रासायनिक कीटनाशक फसलों मे जल्दी असर दिखाने लगता है जिससे किसान अपने फसल को  जल्दी से जल्दी बचा लेते हैं।

2) जैविक कीटनाशक (Biological insecticide)

इस प्रकार के kitnashak जैविक चीजों से मिलकर बना होता हैं जैसे- जंगली जहरीले पौधों के पतियों, जीव जन्तुओ और उसके मल मूत्र, समुद्री पौधे आदि को मिला कर तैयार किये जाते हैं।

जैविक कीटनाशक धीरे धीरे अपना असर दिखाता हैं जिस कारण से किसानों को इस प्रकार की दवाई समझ नहीं आता हैं लेकिन इस प्रकार के insecticide ही सबसे अच्छे होते हैं। और लंबे असर वाले होते है।

कीटनाशक का उपयोग कौन से समय करना चाहिए

कीटनाशक, बहुत ही खतरनाक जहरीले केमिकल से बना होता हैं जिस कारण से pesticides का उपयोग करने के समय को ध्यान मे रखना बहुत जरूरी होता हैं क्योकि कीटनाशक एक जहरीला पदार्थ है जिसके गलत उपयोग से काफी ज्यादा नुकसान हो सकता है।

 कीटनाशक को प्रयोग करने का सबसे उपयुक्त समय सुबह और शाम को होता हैं लेकिन कुछ कुछ कीटनाशक इसके अपवाद भी हैं।

कीटनाशक की क्रियाविधि (Insecticide And Pesticide Working)

1) संपर्क कीटनाशक (Contact Insecticide)

संपर्क कीटनाशक बहुत तीव्र होता है क्यों की इस प्रकार के कीटनाशक के खेतों मे छिड़काव करते ही पौधों के सभी भागो मे फैल जाता हैं जिस कारण से पौधों के रस चूसने वाले कीट मर जाते हैं तथा जो भी कीट इसके संपर्क मे आते हैं ओ भी कीट मर जाते हैं। इस कारण से इस प्रकार के kitnashak को संपर्क कीटनाशक कहते हैं।

2) सिस्टेमिक कीटनाशक (Systemic insecticide)

Systemic insecticide सभी प्रकार के कीटों को नहीं मार सकते हैं यहा सिर्फ पौधे के पतियों को चबाने वाले और पौधों के रस चूसने वाले किटों को ही मार सकता हैं तथा इसको इस के लिए तैयार किया जाता हैं। इस कारण से इस प्रकार के दवाई को Systemic insecticide कहते हैं।

3) आमाशय कीटनाशक (Stomach Insecticide)

Stomach Insecticide वह होता है जो कीटो को धीरे-धीरे करके मारता है मतलब Stomach Insecticide कीटो के आमाशय मे जाकर वर्क करता है इसके उपयोग से किट पाचन तंत्र हो असर होना चालू हो जाता है जिससे किट मरने लगता है। इस कारण से इस प्रकार के pesticides को अमाशय (stomach) कीटनाशक कहते हैं।

कीटनाशक दवाई के फायदे (Kitnashak Ke Fayde)

1) कीटनाशक का उपयोग कर हम अपने खेतों में लगने वाले कीटों (insect) को आसानी से और जल्दी से जल्दी मार सकते हैं।

2) insecticide का प्रयोग कर कीटों का रोकथाम तथा कीटो के प्रकोप से फसलों को बचाकर हम अधिक से अधिक उत्पादन ले सकते हैं।

3) कुछ कुछ कीटनाशक के upyog से मिट्टी मे पोषक तत्वों की पूर्ति होती हैं।

कीटनाशक दवाई के नुकसान (Kitnashak Dawai Ke Nuksan)

1) kitnashak के अधिक मात्रा डाल देने से फसलों में बुरा प्रभाव पड़ता हैं।

2) इसका अधिक प्रयोग से खेतों की मिट्टी और पानी जहरीले हो जाते हैं जिससे वहा के पानी को और किसी चीज के लिए दुबारा उपयोग नहीं कर सकते हैं।

3) कीटनाशक के प्रयोग से मिट्टी में उपस्थित लाभ दायक कीट भी मर जाते हैं जिस कारण से मिट्टी में पोषक तत्व की कमी हो जाता हैं।

4) कीटनाशक के प्रयोग से जल, मिट्टी और हवा प्रदूषण होता हैं।

5) Pesticide के अधिक लगातार प्रयोग करने से छिडकाव करने वाले व्यक्ति की Health पर भी असर पड़ता हैं और कभी कभी व्यक्ति की जान भी ले लेती हैं।

6) बहुत से कीटनाशक को एक साथ मिला कर छिडकाव नहीं कर सकते हैं।

कीटनाशक दवाई के उपयोग मे कुछ सावधानियां (Savdhani)

1)कीटनाशक दवाई का उपयोग उपयुक्त मात्रा में ही खेतों मे डालना चाहिए।

2) insecticide का छिड़काव हवा के विपरित दिशा में नहीं करना चाहिए इसका प्रयोग हवा के दिशा मे ही करना चाहिए।

3) kitnashak dawai का छिड़काव ठंड के समय (सुबह, शाम) ही करना चाहिए।

4) कीटनाशकों के प्रयोग करते समय मुँह मे किसी भी प्रकार के खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करते रहना चाहिए तथा मुंह पे मास्क और हांथो मे Glabs का प्रयोग करना चाहिए।

5)कीटनाशक दवाई को बच्चो से दूर रखना चाहिए तथा इसको हमेशा ठंडा जगह मे रखना चाहिए।

6) कीटनाशक का प्रयोग करने के बाद डिब्बों को एकट्ठा कर जमीन के बहुत अंदर गाड़ देना चाहिए लेकिन रुका हुआ पानी में नहीं धोना चाहिए।

कीटनाशक जहर की पहचान (Insecticide And Pesticide Symbol)

1) लाल जहर (Red Symbol)

जिस भी Pesticide मे लाल रंग का टैग होता हैं वो दवाई बहुत ज्यादा खतरनाक होता हैं क्योंकी इस प्रकार के कीटनाशक मे बहुत ज्यादा मात्रा मे जहर होता हैं।

यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार के कीटनाशक का सेवन कर लेता हैं तो उसे आधे घंटे के अंतर्गत इलाज करवाना जरूरी हो जाता है नहीं तो व्यक्ति की मृत्यु हो सकती है।

2) पीला जहर (Yellow Symbol)

जिस भी कीटनाशक मे पीला रंग का टैग होता हैं वह कीटनाशक लाल रंग के टैग वाले कीटनाशक से थोड़े हल्का जहरीला होता हैं लेकिन इसके मतलब ये नहीं हैं की इसे हल्के मे लिया जाए।

इसमें भी उतना ही जहर पाया जाता हैं जितना की लाल मे यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार के कीटनाशक जहर का सेवन कर लेता हैं तो उसे आधे से एक घंटे के अंदर इलाज कराना आवश्यक होता हैं।

3) नीला जहर (Blue Symbol)

जिस भी कीटनाशक मे इस प्रकार के नीले रंग का टैग लगा होता है उसमें लाल और पीले रंग के टैग वाले कीटनाशक से कम जहर होता हैं। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार के kitnashak का सेवन कर लेता हैं तो उसे 1 – 2 घंटे के बीच तक हॉस्पिटल ले जा के इलाज करना आवश्यक होता है ।

इस प्रकार के कीटनाशक का प्रयोग अच्छा होता हैं। क्यों की इस प्रकार के Pesticide से बहुत कम जहर का असर होता हैं और कीड़े मकोड़े भी आसानी से मर जाते हैं।

4) हरा जहर (Green Symbol)

जिस भी कीटनाशक मे इस प्रकार के हरे रंग का टैग होते हैं उस कीटनाशक मे बहुत कम मात्रा मे जहर होता हैं। इस प्रकार के kitnashak को यदि कोई व्यक्ति पी जाता हैं तो उसे 3-4 घंटे तक इलाज करना आवश्यक होता हैं इस प्रकार के कीटनाशक का प्रयोग करना सबसे अच्छा होता हैं।

निष्कर्ष:-

अभी जिस प्रकार के खेती हो रहा हैं तथा जिस प्रकार से कीटों का अटेक होता हैं उसको देखते हुए हम ये कह सकते हैं की कीटनाशक का प्रयोग करना बहुत आवश्यक हैं लेकिन किसान कीटनाशक के प्रयोग दिशा निर्देश के अनुसार करे जिससे की कीटनाशक सही से काम करे तथा किसी को किसी प्रकार से नुकसान नहीं पहुँचे।

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