फसल में फिटकरी के फायदे [उपयोग, फायदे, नुकसान] | Alum Uses Agriculture Hindi Fitkari

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वैसे तो फिटकरी बहुत सस्ती चीज मे गिनी जाती है लेकिन इसके बहुत सारे फायदे चिकित्सा के क्षेत्र में और खेती के क्षेत्र में देखे जाते हैं।

और आज हम फसल के क्षेत्र में फिटकरी के फायदे जानने वाले हैं कि कैसे इसके प्रयोग से हम पौधों को बहुत से बीमारी से बचा सकते हैं।

जो गार्डनिंग का काम करते हैं उसके लिए फिटकरी का उपयोग बहुत ही जबरदस्त है fitkari पोटेशियम सल्फेट और एल्यूमिनियम सल्फेट का मिश्रण होता है।

और जिन पौधों में सिट्रिक एसिड की जरूरत होती है उसमें Phitkari के उपयोग से पौधों को बहुत फायदेमंद होता है।

यह मिट्टी के ph मान को मेंटेन करके रखता है जिससे पौधों में डाले जाने वाले दवाई और खाद का सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं।

तो चलिए अब डिटेल में जानने का प्रयास करते हैं कि fitkari का और क्या-क्या फायदे पौधों में देखने को मिलता हैं और इसके नुकसान क्या है।

फिटकरी क्या है (Fitkari kya hai)

फिटकरी पोटेशियम सल्फेट और एल्युमिनियम सल्फेट का मिश्रण होता है जिसे English में Alum बोला जाता है।

फिटकिरी में खटास पाई जाती है जो पौधों में सिट्रिक एसिड की जरूरत को पूरा करता है पौधों में फिटकरी के प्रयोग से कीट, लारवा, दीमक और मच्छर भी खत्म हो जाते हैं।

फिटकरी मिट्टी के पीएच को बैलेंस में रखता है जिससे पौधों के विकास में काफी ज्यादा मदद मिलती है।

फसल पौधों में फिटकरी के फायदे (Fasal me phitkari benefits fayde)

पौधों में इसके उपयोग से बहुत सारे फायदे देखने को मिलते हैं यह पौधों में खाद का काम करता है।

Phitkari use से मिट्टी की ph मान बैलेन्स में रहती है जिससे हम पौधों में जो भी दवाइयां खाद डालते हैं उसका पूरा फायदा मिलता है॰

तो यूं कहे तो फिटकरी के उपयोग से पौधों के विकास अच्छा होने लगता है और Dhan me fitkari के उपयोग से कल्ले भी बढ़ने लगते हैं।

phitkari कीटनाशक का काम भी करता है जोकि किट, लारवा, दीमक और मच्छर को खत्म कर देता है या पौधों से दूर भगा देता है इसके उपयोग से मिट्टी की शक्ति बढ़ती है।

फिटकरी में खटास की मात्रा पाई जाती है जिससे पौधों में फिटकरी के उपयोग से सिट्रिक एसिड की जरूरत पूरी होती है तो इस तरह से पौधों में इसके upyog से बहुत सारे फायदे देखने को मिलते हैं।

धान में फिटकरी के फायदे महत्त्व (Dhan me fitkari ke fayde labh)

धान में फिटकरी के बहुत सारे फायदे देखने को मिलते हैं क्योंकि आजकल कई क्षेत्रों में धान की फसल में कीट चींटी चूहे का प्रकोप एक साथ देखने को मिलता है।

तो ऐसे में अगर फिटकरी का प्रयोग किया जाता है तो इन सब से कंट्रोल पाया जा सकता है और धान में फिटकरी के उपयोग से मिट्टी की पीएच वैल्यू बैलेंस बनी रहती है।

जिससे dhan के कल्ले अच्छे बढ़ते हैं उसी के साथ पौधे की ग्रोथ भी तगड़ी होती है जिस कारण से धान में जो भी दवाइयां खाद डाली जाती है उसका पूरा पूरा असर धान की फसलों में देखने को मिलता है।

खाद कैसे तैयार करें (Khad)

दो तरीके से हम फिटकरी खाद आसानी से तैयार कर सकते हैं-

पहला फिटकरी को पानी में घोल बना लेना चाहिए जिसमें आप 1 लीटर पानी में एक चम्मच phitkari की मात्रा के हिसाब से घोल बना सकते हैं।

अगर आप गार्डनिंग का काम करते हैं तो phitkari के छोटे से टुकड़े को आप गमले की मिट्टी में दबा दे इससे पौधों में बहुत से फायदे देखने को मिलेंगे।

उपयोग कैसे करें (Using fitkari)

फसलों में फिटकरी का प्रयोग 1 एकड़ में 1 किलो के हिसाब से करना चाहिए।

अगर हम कोई भी फसल में इसका उपयोग कर रहे हैं तो हम fitkari को खेत में डालने के लिए बहते पानी में फिटकरी को रख देंगे या फिर बोरी या जाली में भरकर जिस तरफ से खेत में पानी की बहाव आ रही है वहां रख देंगे जिससे यह पूरी तरह से खेत में फैल जाएगा।

Phitkari का upyog का सबसे अच्छा तरीका यह भी है कि आप phitkari की छोटी-छोटी टुकड़े को खेत में डाल सकते हैं।

फिटकरी के उपयोग का तीसरा तरीका है कि आप इसकी घोल बना लें और घोल को अपने हिसाब से छिड़काव करें या स्प्रे कर दें।

फिटकरी के नुकसान (phitkari ke Nuksan)

वैसे तो फिटकरी के उपयोग से पौधों में उतना ज्यादा नुकसान देखने को नहीं मिलता फिर भी हमें एक चीज का ध्यान रखना चाहिए कि फिटकिरी में खटास होती है।

और इसमें सिट्रिक एसिड भी पाई जाती है इसलिए फिटकरी के घोल को सीधे पौधों की पत्तियों में ना डालें इससे यह पौधों की पत्तियों को जला देती है जिससे क्लोरोफिल नष्ट हो जाता है।

तो किसान साथियों यह रही हमारे द्वारा दी गई फिटकरी के बारे मे जानकारी कि कैसे हम पौधों में इसका उपयोग कर सकते हैं और बहुत सारे फायदे उठा सकते हैं तो अगर आपको जानकारी से संतुष्टि मिली है तो यह जानकारी अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।

आपका प्रेम पूर्वक धन्यवाद,

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